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गुरुवार, 27 जनवरी 2011

रचनाकार: गंगा प्रसाद शर्मा 'गुणशेखर' के दोहे व कविताएँ

रचनाकार: गंगा प्रसाद शर्मा 'गुणशेखर' के दोहे व कविताएँ
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बुधवार, 12 जनवरी 2011

मुट्ठी भर की ज़िंदगी,चुटकी भर आराम।

मुट्ठी भर की ज़िंदगी,चुटकी भर आराम।
फिर भी करने को पड़े ,दुनिया भर के काम।
प्रस्तुतकर्ता gunshekhar पर 2:36 am 4 टिप्‍पणियां:
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ईद मुबारक!

ईद मुबारक! कितना प्यारा कितना पाक आसमान से रहा है झाँक अपना-अपना सबका चाँद रब से दुआ रहा है माँग बोले जग को ईद मुबारक दिल से दिल का मेल मुबारक! ईद मुबारक! ईद मुबारक! बेटी बोली अब्बा आना कपड़े और सिवइयाँ लाना बहना बोली गोटा लाना छोटू बोला गन ले आना बीबी बोली क्या बतलाना लाना कुछ भी या मत लाना सीमा पर से जल्दी आना। ईद...

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