तीसरा रास्ता: लम्बी लड़ाई में पहली जीत के बाद
माँ के पूतों के शोणित से धरा लाल होगी तो
श्वान, गीध भी खा न सकेंगे दुश्मन की बोटी को
utpreksha
गुरुवार, 18 अगस्त 2011
गुरुवार, 27 जनवरी 2011
बुधवार, 12 जनवरी 2011
मुट्ठी भर की ज़िंदगी,चुटकी भर आराम।
मुट्ठी भर की ज़िंदगी,चुटकी भर आराम।
फिर भी करने को पड़े ,दुनिया भर के काम।
फिर भी करने को पड़े ,दुनिया भर के काम।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)